• महापुरूष बनाने वाला योग भाग 4

    मालव्य योग- पञ्चमहापुरूष योगों में चौथा योग दैत्यगुरू शुक्र से निर्मित मालव्य योग होता है, जब शुक्र ग्रह लग्न से केन्द्र (1, 4, 7, 10) में  स्वराशि वृषभ, तुला, उच्च राशि मीन में बैठा हो तब यह पञ्चमहापुरष योगों में से यह योग घटित होगा।

    बात मालव्य योग के फलो की करें तो, यह योग अत्यन्त शुभ परिणाम देने वाला होता है, जिस व्यक्ति की कुण्डली मालव्य योग होता है वह बहुत सुन्दर तथा आकर्षक होता है, जातक गौरवर्णीय होता है, जिस भी जातक की कुण्डली में यह योग होता है वह विपरीतलिङ्गीयो के लिए हमेशा आकर्षण का केन्द्र होता है, इस योग में उत्पन्न जातकों का जीवन विलासिता पूर्ण होता है, यह लोग अपनी कला और सौन्दर्य से समाज में सम्मान व प्रतिष्ठा प्राप्त करते है, मनोरञ्जन के साधनों का  इनके पास कभी अभाव नही होता, मालव्य योग में उत्पन्न जातक लक्षीवान होते है।

    मालव्ययोग में उत्पन्न जातकों के कार्य क्षेत्र की बात करे तो इन लोगों का ज्यादा झुकाव कला और मनोरञ्जन के क्षेत्रों में होता है, इन लोगों को इस क्षेत्र में सफलता भी मनचाही मिलती है, इसके अलावा मीडिया जगत में भी इनका बोल-बाला रहता है, सौन्दर्य प्रसाधन सम्बन्धित व्यवसाय में इस योग वाले जातकों को खूब लाभ मिलता है।
     
  • 2 टिप्‍पणियां:

    1. Meri janm tithi 13 5 2002 he job ke bare me kuchh batao

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    2. आपकी कुण्डली में ग्रहयोग बहुत ही उत्तम है आप जिस क्षेत्र में चाहो सफल हो सकते है,

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