अगर कुंडली में मंगल दोष हो तो कौन से उपाय करने से मंगल दोष समाप्त होता है.
बहुत सारे मामलों में मंगल दोष स्वतः समाप्त हो जाता है जैसे किसी जातक या जातिका के मंगल दोष बन रहा हो परंतु इसके साथ ही कुंडली के प्रथम चतुर्थ सप्तम अष्टम द्वादश भाव में शनि भी हो तो मंगल दोष स्वयं निष्प्रभावी हो जाता है,इसके अलावा इन्ही भावों में राहु केतु या सूर्य भी हो तो मंगल दोष स्वयमेव नष्ट हो जाता है ।
दूसरा अगर किसी जातक के मंगल दोष है और जातिका के भी मांगलिक संबंधित भावो में क्रूर ग्रह जैसे शनि राहु केतु और सूर्य हो तो तब भी दूसरी कुंडली का मंगल दोष समाप्त हो जाता है,
जैसे वर (लड़का) की कुंडली में मंगल प्रथम चतुर्थ सप्तम अष्टम, या द्वादश भाव में मंगल स्तिथ हो और कन्या (लड़की) की कुंडली में इन्ही किसी एक भाव में शनि राहु केतु या सूर्य स्थित हो तो वर (लड़के)का मंगल दोष समाप्त हो जाता है ।
इसके अलावा बहुत सारे अन्य उपाय भी है जिसे करने से मंगल दोष खत्म हो जाता है.
अगर किसी लड़के की कुंडली में मंगल दोष हो तो जातक का अर्क विवाह कराने से मंगल दोष समाप्त हो जाता है,
मंगल चण्डिका का पाठ विधिवत करवाने से भी मंगल दोष के कुप्रभावों में कमी देखने को मिलती है ,
कहीं कहीं बेरी और केली से विवाह करने का प्रचलन है ।
इसके अलावा मंगल का दान विधिवत जाप अनुष्ठान कराने से भी मंगल संबंधित दोषों से मुक्ति मिलती है।
यदि किसी कन्या की कुंडली में मंगल दोष स्थित हो तो कन्या का कुंभ विवाह,विष्णु विवाह करने से मंगल दोष की शांति हो जाती है,
कहीं कहीं पीपल से विवाह करने की प्रथा भी प्रचलित है जिससे मंगल दोष का उपाय माना जाता है ।
इसके अलावा सप्तमेश संबंधित पूजा पाठ करने से भी मंगल दोष प्रभावहीन हो जाता है ।
अगर कुंडली में मंगल दोष हो तो जातक को शुक्र तथा जातिका को बृहस्पति संबंधित पूजा पाठ हमेशा करते रहना चाहिए जिससे विवाह में और वैवाहिक जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान होता रहे ।
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