मांगलिक दोष- अक्सर लोगों के मन में मंगल दोष को लेकर अनेकानेक भ्रांतिया फैली हुई है,और मंगल दोष को लेकर भय भी कहीं न कहीं व्याप्त है तो आइए जानते है मंगल दोष कुंडली में किस अवस्था में बनता है-
अगर किसी कुंडली में प्रथम भाव में मंगल हो तो जातक मांगलिक माना जाता है,क्योंकि मंगल की सातवीं दृष्टि विवाह भाव पर पड़ती है जिस कारण विवाह संबंधित परिणाम प्रभावित होते है ।
यदि मंगल चतुर्थ भाव में हो तो भी चौथी दृष्टि सप्तम भाव पर पड़ने के कारण वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है ।
तीसरी अवस्था में जब मंगल सप्तम भाव में हो तब भी मांगलिक दोष बन जाता है ।
इसके अलावा अगर कुंडली के अष्टम भाव में मंगल हो तो भी मांगलिक दोष बन जाता है
बारहवें भाव में मंगल होने से भी जातक मांगलिक दोष की श्रेणी में आता है ।
उपरोक्त किसी भी भाव में मंगल स्थित हो तो जातक मांगलिक माना जाता है, जो कि विवाह और वैवाहिक जीवन के लिए प्रतिकूल माना जाता है ।
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