कुंडली में सूर्य की अशुभ स्थिति से स्वास्थ्य व्यक्तित्व पैतृक सुख में बाधा रहती है।
सूर्य जब किसी जातक की कुंडली में मारक अथवा कमजोर स्थिति में विद्यमान हो तो जातक को सूर्य संबंधित उपाय करने चाहिए जिससे कि सूर्य संबंधित शुभ फलों की प्राप्ति संभव हो जाती है।
उपाय निम्नलिखित प्रकार से है-
यदि सूर्य अशुभ स्थिति मैं हो तो स्वयं से किसी से दान ना ले पैतृक घर में धार्मिक कृत्य करें।
घर से पूर्व दिशा में रसोई बनाएं नमक रहित भोजन करें मीठा खाकर ही या पानी पीकर ही प्रत्येक कार्य प्रारंभ करें।
घर में पीतल के पुराने बर्तनों को सहेज कर रखें उन्हें बेचे नहीं प्याऊ लगाएं ।
गंगाजल को घर में रखें ।
शराब मांस का सेवन ना करें ।
झूठी बातें ना करें।
किसी के विश्वास को कभी ठेश ना पहुंचायें ।
पिता व बड़े भाई बुड्ढों का सम्मान इज्जत सेवा करें, इन लोगों को कभी भी दुख अथवा धोखा ना दे ।
इसके अलावा नियमित रूप से सूर्य मंत्रों का जब करें।
नियमित रूप से आदित्य हृदयर स्तोत्र का पाठ करें ।
जातक को नियमित रूप से सूर्य को तांबे के पात्र से रोली मिश्रित अथवा शक्कर मिश्रित जल सूर्य को को अर्घ्य रूप में देना चाहिए।
जातक को प्रातः काल सूर्य उदय से पूर्व जागना होगा।
जातक को रविवार में नमक रहित भोजन का सेवन करना चाहिए।
जातक को दिन में कदापि शयन नहीं करना चाहिए।
अनामिका उंगली में तांबे का छल्ला धारण करें अथवा आप सोने की अंगूठी में मानिक धारण कर सकते हैं परंतु इसके लिए प्रबुद्ध ज्योतिषी से सलाह आवश्यक हैं ।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें
Please do not enter any spam link in the comment box.