वृष राशि
व्यक्तित्व एवं जातक-राशियों की संख्या में यह दूसरी राशि है। यह स्थिर राशि है,इस राशि का अधिकार मुख पर है। यह सात्विक राशि है, एवं राशि का स्वामी शुक्र है, स्वभाव शीतल है,कांति हीन, दक्षिण का अधिपति है एवं रात्रि बली है।
वृष राशि का चिन्ह बैल है, बैल परिश्रमी एवं वीर्यवान होता है,जो साधारणतः शांत रहता है,किंतु क्रोध आने पर उग्र हो जाता है,इसी प्रकार वृष राशि के जातक होते हैं।
वृष राशि का स्वामी शुक्र होने के कारण मेष राशि के जातक आकर्षक एवं सुंदर होते हैं, इनका शरीर पृष्ठ पुष्ट होता है ,वृष राशि के जातक लोगों पर अपना प्रभाव छोड़ जाते हैं, इस राशि के जातक का मन रचनात्मक एवं कला प्रिय होता है।
वृष राशि के जातक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं,यह परिश्रमी एवं दृढ़ निश्चय के कारण कार्यों को सफल बनाते हैं। सुख सुविधा जीवन यापन करते हैं, जिद्दी स्वभाव के कारण कभी-कभी लोगों पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जिससे लोग अहंकारी समझते हैं धैर्यवान व्यक्तित्व के कारण धीरे-धीरे एवं मन लगाकर अपना कार्य करते हैं,इस राशि के जातकों में सहनशीलता अधिक होती है,एवं स्वभाव सौम्य में होता है।
वृष राशि वाले जातक समझदारी एवं मैत्री पूर्वक रहना पसंद करते हैं, उनको जीवन में परिवर्तन से बच के रहना पसंद करते है, इस राशि के जातक अपने को बार बार अलग माहौल में रहना अच्छा नहीं लगता है। इस प्रकार के लोग सामाजिक होते हैं और अपने से उच्च लोगों को आदर की नजर से देखते है। जो भी इनको प्रिय होते हैं उनको यह आदर खूब ही देते हैं, और सत्कार करने में हमेशा आगे ही रहते है,जिस से समाज में जातक का आदर एवं सत्कार होता है।

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