स्वप्न देखने का शुभाशुभ फल-
बात करे सपनो की तो ,लगभग हर किसी इन्सान को सपने आते है,सपनो का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व होता है, सामान्य जीवन मे जो इच्छाएं अपूर्ण रहती है वही स्वप्न रूप में जिस किसी प्रकार पूर्ण होती आभाषित होती है।
सूर्योदय के कुछ पूर्व अथवा ब्रह्म मूहुर्त में देखे गए स्वप्न का फल शीघ्र अथवा दस दिनो में मिलने की संभावना रहती है, इसी तरह रात्रि प्रथम पहर में देखे हुए स्वप्न का फल एक वर्ष पश्चात, रात्रि के दूसरे पहर मे देखें स्वप्न का फल छः मास में, तृतीय पहर में देखे हुए स्वप्न का फल तीन मास के बाद, रात्रि के अन्तिम पहर में देखे हुए स्वप्न का फल एक मास में प्रकट होता है, जबकि दिन में देखे हुए स्वप्न का फल विश्वसनीय नही होता है, शुभ स्वप्न देखने के पश्चात सोना नही चाहिए,शेष रात्रि भजन चिन्तन करना चाहिए, तथा किसी को अपना स्वप्न बताना नहीं चाहिए, इसके विपरीत अशुभ स्वप्न देखने बाद फिर से सो जाएँ तथा प्रातः काल यदि अशुभ स्वप्न याद रहे तो गुरूजनों से सलाह लेकर निवारणार्थ पूजा पाठ आदि कार्यों को सम्पादित करें ।
बात करे सपनो की तो ,लगभग हर किसी इन्सान को सपने आते है,सपनो का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व होता है,
चोट लगना - स्वास्थ्य लाभ
चोर देखना - धन प्राप्ति
चीखे मारना - परेशानी व कष्ट
चुनरी देखना - सौभाग्य प्रतीक
चित्र देखना - राज्य लाभ
छुरी मारना - पारिवारिक वाद विवाद
छिपकली देखना - अचानक धन लाभ
छीकना - कार्य बाधा
जख्म देखना - परेशानियां
जहाज देखना - कष्ट निवारण
जिन्दा जलना - धन प्राप्ति
जल देखना - मान सम्मान
ज्वर पीडित - रोग निवारण
झगड़ देखना - प्रसन्नता मिले
झाडू देखना - नुकसान हो
झण्डा देखना - सुयश
झरना देखना - दुख दूर हो।।।

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