सूर्य-नवग्रहो में प्रमुखता लिए हुए सूर्य की हम बात करते है।नवग्रह मण्डल में राजा के पद से विभूषित सूर्य ग्रह आत्मकारक होने साथ साथ पिता के भी कारक होते है।
सूर्य के अनुकूल परिणाम-
अगर आपकी कुण्डली में सूर्य शुभ है तो ,
समाज मान सम्मान की प्राप्ति,
हड्डियों में मजबूती,
पिता का खूब सहयोग मिलेगा और पिता के साथ सम्बन्धों में मधुरता बनी रहेगी।
शासन प्रशासन से सहयोग,
सरकारी सेवाओं में जाने का अवसर
आत्मविश्वास हमेशा बढ़ा चढा रहेगा।
कुण्डली में सूर्य अशुभ हो तो जीवन में काफी संघर्ष होता है
आत्मविश्वास की कमी से जातक आजीवन जूझता रहता है,
पिता और सरकार से सहयोग में हमेशा अवरोध की स्थिति बनी रहेगी,
आंखो में तकलीफ की भी सम्भावना अधिक हो जाती है,
सम्भव है कि जातक आलसी भी बहुत होगा,
इसके अतिरिक्त जातक मन से भी मलिन हो सकता है।
कुछ सामान्य उपाय करके सूर्य के शुभ परिणाम प्राप्त कर सकते है,
सबसे पहले सूर्य का गुण धर्म को अपना लीजिए ,
जैसे कि सुबह समय से उठना,
दिन में न सोना,
दिनचर्या को व्यवस्थित करना,
अपने पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों का आदर करना और उनके चरण स्पर्श नित्य रूप से करना,
प्रात: सूर्य को अर्घ्य देना,
गायत्री मन्त्र का जप और श्रवण करने से भी आपको सूर्य के शुभ परिणामों में वृद्धि होगी।

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