किसी भी इन्सान की सफलता का सबसे बड़ा सहायक व्यक्ति का खुद का आत्मविश्वास होता है, अगर व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो तो क्षमता होते हुए भी अच्छा प्रदर्शन बमुश्किल ही कर पाता है,इसके विपरीत न्यून क्षमता वाले भी अपने आत्मविश्वास के बल पर बडा सा बडा कार्य करने का माद्दा रखते है,
आत्मविश्वास का हमारे जीवन में कितना बडा महत्व है ये तो आप समझ ही गये हो,यानि कि आत्मविश्वास होना हमारे लिए अत्यावश्यक है।
अगर किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो तो उसका जीवन घोर निराशाओं में व्यतीत होता है,
मन में निरन्तर रूप से हीन भावनाओं का उदय होता है,
क्षमता होने के बावजूद अपना कार्य कुशलता से न कर पाना,
दूसरों के मुकाबले खुद को हमेशा कम आकंना,
निर्णय क्षमता कम होना,
धैर्य की कमी और क्रोध की अधिकता,
एकाग्रता की कमी भी कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है,
आत्मविश्वास कैसे बढाऐ-
आत्मविश्वास का कारकत्व नवग्रह मण्डल में सूर्य को प्राप्त है, सूर्य ही हमारे जीवन में ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत भी है जब भी हमारे जीवन में ऊर्जा का संचार सही दिशा में होगा तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ा-चढा रहेगा।
कुण्डली में खराब सूर्य के कारण ही आत्मविश्वास में कमी होती है,
अतः सबसे पहले सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा अपने अन्दर समाहित करें,
सूर्य की ऊर्जा प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से सूर्योदय से पहले जागरण करना होगा,
दिन के समय में किसी भी हालत में शयन न करें ,
नियमित उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करें ,
सुबह के समय में सूर्यनमस्कार नियमित रूप से करें ,
गायत्री मन्त्र का नियमित जाप भी आत्मविश्वास को जरूर बढाएगा,

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