ज्योतिष में मन का कारक ग्रह चंद्र को माना जाता है, अगर आपकी जन्म कुंडली में चन्द्रमा की स्तिथि अछी नही है तो आप भी मानसिक रोगों के शिकार हो सकते ।
इसके अलावा अगर चन्द्रमा दूषित हो तो भी आप मानसिक रोगों के शिकार हो सकते है ।
राहु चंद्र की युति से भी मन में भटकाव की स्तिथि बन जाती है,
शनि और चंद्र की युति से भी विष दोष का निर्माण होता है जिसके कारण भी व्यक्ति मानसिक परेशानियो से जूझता है।
कुंडली में स्तिथ केमदृम दोष होने से भी व्यक्ति मानसिक परेशानियो से घिरा रहता है।
इस से बचने के उपाय जानने के लिये मेरा अगला लेख जरूर पढे।

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