अव यह बताते हैं कि किस-किस ग्रह से क्या-क्या और विचार करना
चाहिये । सूर्य-यदि दिन में जन्म हो तो पितु कारक, यदि रात्रि में जन्म हो तो में दक्षिण नेत्र पर इसका विशेष अधिकार है।
का कारक । शरीर
चाचा चन्द्रमा - यदि रात्रि में जन्म हो तो मातृ कारक, यदि दिन में जन्म हो तो चन्द्रमा से मौसी का विचार करें । शरीर में, बायें नेत्र पर इसका विशेष अधिकार है।
मंगल-मंगल से छोटे भाई का विचार करना चाहिये ।
बुध-गोद लिया हुआ पुत्र (दत्तक पुत्र) ।
वृहस्पति-बड़ा भाई ।
शुक्र-यदि दिन में जन्म हो तो मातृ कारक, यदि रात्रि में जन्म हो तो इससे मौसी का विचार करे ।
शनि-यदि दिन में जन्म हो तो चाचा का विचार इससे करे और यदि रात्रि में जन्म हो तो इससे पिता का विचार करे ॥
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