अगर किसी जातक की कुंडली में गुरु खराब अथवा कमजोर स्थिति में हो तो जातक का ज्ञान औसत दर्जे का होगा
नवग्रहीय व्यवस्थाओं में देवगुरु बृहस्पति को सर्वाधिक कार्य कत्वा प्राप्त है
किसी जातक की कुंडली में गुरु खराब अवस्था में हो तो जातक को कई सारी परेशानिया होती है
जातक हमेशा धन की चिंताओं से घिरा रहेगा
जातक को विवाह सुख तथा पुत्र सुख विलंब से प्राप्त होगा
जातक को अधिकाधिक उदर विकार रहने की संभावना अधिक हो जाती है
जातक पित्त आदि दोषो से हमेशा घिरा रहता है
अगर गुरु को शुभ बनाना है तो-
अपने से बड़ों का यानि कि वृद्ध लोगों का गुरुजनों का सम्मान आदर करें
नियमित धार्मिक स्थानों पर जाएं
भगवान विष्णु की अधिकाधिक उपासना करें
केसर का नियमित रूप से तिलक करें
इसके अलावा आप ज्योतिषीय परामर्श से पुखराज धारण कर सकते हैं
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